Jun 222018

उम्र से पहले बड़े होते बच्चों के साथ होती घटनाओं का विश्लेषण कर-कर के आज जब की परवरिश को ले कर मीडिया आपको काफ़ी संवेदनशील बना चुका हैं और आप भी इतना तो अच्छे से समझ गए हैं – आपको बच्चों के साथ दोस्ताना सम्बन्ध रखने हैं, बहुत जरुरी हैं की बच्चों की बात सुनी जाये, उन्हें ये एहसास दिलाया जाये की वे आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, और आप उनसे बहुत प्यार करते हैं। परवरिश को ले कर सोशल मीडिया पर ज्ञान (अधूरे) की बाढ़ हैं — देखिये बच्चों पर कितना दबाव हैं पढाई और स्पर्धा का….  छोटे छोटे बच्चे आजकल…Continue Reading

May 252018

मुझे लगता हैं कि मेरे बच्चे के साथ कुछ ऐसी उलझनें हैं जिन्हें सुलझानें के लिए हमें एक विशेषज्ञ की जरुरत हैं। मुझे चाहिए कोई ऐसा जो मेरे बच्चें को इतना समझ सकें जितना मैं समझती हूँ… बल्कि शायद मुझ से भी ज्यादा ! साइकोलोजिस्ट ? पर कैसे पता कि वो मेरे बच्चे कि मुश्किलें उतने ही प्यार से दूर कर पायेगा जैसे मैं करना चाहती हूँ ? जाने अनजानें मैं कहीं अपने बच्चे के दिमाग से खिलवाड़ न कर बैठूँ ! डर लगता है। बहुत स्वाभाविक है ये डर और ये सवाल। बच्चे के मन को सही हाथों में…Continue Reading

Apr 092018

हमारे समाज में बच्चो के व्यवहार के लिए परिवार और खास तौर पर माँ को सीधे सीधे जिम्मेदार माना जाता हैं। बच्चे के व्यवहार में एक बात ज़रा  ऊपर-नीचे दिखी और हर कोई आपकी परवरिश पर सवाल खड़े करने लगता हैं।आम तौर पर सुनने को मिलते है ये जुमले – तुम बच्चों को कुछ ज्यादा ही दुलारती रहती हो तुम बच्चों से ठीक से प्यार नहीं करती तुम बहुत कठोर रहती हो तुम कुछ ज्यादा ही बात मानती हो बच्चो की तुम कुछ ज्यादा ही जज़्बाती हो तुम में ना भावनाएं ही नहीं हैं तुमने कुछ ज्यादा ही आज़ादी दे…Continue Reading

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